
युवराज सिंह, सोनू सूद, उर्वशी रौतेला समेत कई सितारों की करोड़ों की संपत्ति जब्त
अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी केस ने हिलाया बॉलीवुड-क्रिकेट जगत
नई दिल्ली | स्पेशल रिपोर्ट
जिस चेहरे को लोग टीवी पर भरोसे की नज़र से देखते थे, वही चेहरे अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की फाइलों में दर्ज हैं। अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED ने बड़ी कार्रवाई करते हुए युवराज सिंह, सोनू सूद, उर्वशी रौतेला समेत कई नामी सेलेब्रिटीज़ की लगभग ₹8 करोड़ की संपत्तियाँ अटैच कर ली हैं।
👉 यह कार्रवाई PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत की गई है और इसका कनेक्शन सीधे एक विदेशी ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म से जुड़ता है।
💣 क्या सच में फँस गए बड़े नाम?
ED की जांच के मुताबिक, एक कुराकाओ-आधारित ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म (1xBet) और उसके सरोगेट ऐप्स भारत में अवैध रूप से जुआ और सट्टा चला रहे थे।
इस नेटवर्क को बढ़ाने के लिए क्रिकेटर्स, फिल्मी सितारों और इन्फ्लुएंसर्स का इस्तेमाल किया गया।
➡️ आरोप है कि इन सेलेब्रिटीज़ ने
- बेटिंग ऐप्स का सीधा या परोक्ष प्रचार किया
- बदले में विदेशी कंपनियों से मोटी रकम ली
- भुगतान को ओवरसीज़ अकाउंट्स और बिचौलियों के ज़रिये घुमाया गया
ED का दावा है कि यही पैसा अब “अपराध की आय” (Proceeds of Crime) माना जा रहा है।
📊 किसकी कितनी संपत्ति अटैच?
सूत्रों के अनुसार ED ने जिन संपत्तियों पर कार्रवाई की, उनमें शामिल हैं:
- 🏏 युवराज सिंह – करीब ₹2.5 करोड़
- 🎬 सोनू सूद – लगभग ₹1 करोड़
- 👑 उर्वशी रौतेला – करीब ₹2 करोड़ (मां के नाम पर)
- 🎥 नेहा शर्मा – करीब ₹1.26 करोड़
- 🏏 रॉबिन उथप्पा – ₹8 लाख से अधिक
- 🎭 मिमी चक्रवर्ती – करीब ₹59 लाख
- 🎬 अंकुश हजरा – करीब ₹47 लाख
👉 कुल मिलाकर ₹7.93 करोड़ से ज़्यादा की संपत्ति ED के रडार पर।
⏳ पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
इससे पहले इसी केस में ED ने
शिखर धवन और सुरेश रैना की ₹11 करोड़ से ज़्यादा की संपत्ति फ्रीज़ की थी।
यानि यह कोई छोटा मामला नहीं, बल्कि देश-विदेश तक फैला बेटिंग नेटवर्क है।
⚠️ ED का साफ संदेश: “सेलेब्रिटी हो तो भी बख़्शा नहीं जाएगा”
ED ने चेतावनी दी है कि
❌ अवैध सट्टेबाजी ऐप्स का प्रचार
❌ सरोगेट विज्ञापन
❌ सोशल मीडिया प्रमोशन
👉 ये सब कानूनन अपराध हैं — और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना ही बड़ा नाम क्यों न हो।
🤯 सोशल मीडिया पर बवाल
इस खबर के सामने आते ही सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे हैं:
- “क्या सेलेब्रिटीज़ सिर्फ पैसे के लिए कुछ भी प्रमोट करेंगे?”
- “क्या फैंस का भरोसा इतना सस्ता है?”
- “अब और किन बड़े नामों पर गिरेगी ED की गाज?”
🧠 निष्कर्ष: भरोसे की कीमत
यह मामला सिर्फ कानून का नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का भी है।
जब करोड़ों युवा अपने पसंदीदा सितारों को फॉलो करते हैं, तो उनका एक विज्ञापन ज़िंदगी बर्बाद कर सकता है।
ED की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है:
🔥 नाम बड़ा हो या छोटा, कानून से ऊपर कोई नहीं।
