

भारत में धार्मिक कथावाचकों की लोकप्रियता किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं होती।
इसी लोकप्रियता के बीच 2025 में अनिरुद्धाचार्य महाराज, जिन्हें सोशल मीडिया “पुकी बाबा” के नाम से भी जानता है, एक बड़े विवाद में घिर गए।
उनके एक बयान ने ऐसा बवाल खड़ा किया कि सोशल मीडिया से लेकर सड़क, और अब अदालत तक बहस छिड़ गई है।https://amzn.to/3MUVm7q
🔥 विवाद कैसे शुरू हुआ?
अक्टूबर 2025 में अनिरुद्धाचार्य का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने 25 साल की अविवाहित महिलाओं के बारे में कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी की।
वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर भारी विरोध शुरू हो गया।
लोगों ने इसे महिलाओं की गरिमा का अपमान बताया और सार्वजनिक तौर पर कड़ी निंदा की।
🌪️ सोशल मीडिया में हंगामा और हर तरफ विरोध
वीडियो सामने आते ही:
- ट्विटर/X पर #Aniruddhacharya ट्रेंड होने लगा
- महिलाओं के अधिकार समूह सड़कों पर उतर आए
- कई शहरों में पोस्टर और प्रदर्शन हुए
- यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई
वाराणसी और मथुरा में महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कहा कि बाबा का बयान महिलाओं का अपमान है और इस पर कार्रवाई होनी चाहिए।
⚖️ असली कानूनी अपडेट: केस अदालत में दर्ज
सबसे बड़ा अपडेट यह है कि:
✔ मथुरा/आगरा की एक अदालत में अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ शिकायत दर्ज हो चुकी है।
इस शिकायत को मीरा राठौर नाम की महिला सामाजिक कार्यकर्ता ने दाखिल किया।
शिकायत में आरोप है कि उनके बयान से:
- महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुँची
- समाज में गलत संदेश गया
- धार्मिक मंच से महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया
अदालत ने इस कंप्लेंट को स्वीकार कर लिया है और अब आगे की सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
🛑 क्या बाबा गिरफ्तार हुए हैं या किसी गंभीर आपराधिक केस में फंसे हैं?
❌ नहीं।
अब तक किसी भी विश्वसनीय स्रोत के अनुसार:
- उन पर कोई FIR दर्ज नहीं
- कोई गिरफ्तारी नहीं हुई
- कोई कोर्ट सजा या अपराध सिद्ध नहीं
केवल एक शिकायत (कॉम्प्लेंट केस) अदालत में है, जिसकी सुनवाई जारी है।
🕊️ बाबा की सफाई और माफी
विवाद के बढ़ने पर अनिरुद्धाचार्य ने कहा:
- उनके बयान को “तोड़-मरोड़कर सोशल मीडिया पर डाला गया”
- उनका उद्देश्य किसी महिला का अपमान नहीं था
- वीडियो “एडिटेड” रूप में वायरल किया गया
उन्होंने सार्वजनिक तौर पर माफी भी मांगी।
🔍 इस विवाद में क्या-क्या झूठ फैला?
सोशल मीडिया पर कई अफवाहें चलीं, जिनमें से कई झूठी थीं:
❌ बाबा को जेल भेज दिया गया
❌ उन पर हत्या/गंभीर अपराध का केस है
❌ कई फर्जी वीडियो वायरल हुए
❌ AI-जनित क्लिप्स में गलत बातें जोड़ी गईं
ये सब गलत साबित हुए जब मीडिया संस्थानों ने फैक्ट-चेक किया।
📊 संक्षेप में वास्तविक स्थिति (REAL FACTS)
| मुद्दा | सत्य |
|---|---|
| क्या बयान विवादित था? | ✔ हाँ, वीडियो में महिलाओं पर टिप्पणी की गई थी। |
| क्या विरोध हुआ? | ✔ देशभर में सोशल मीडिया और सड़क पर विरोध हुए। |
| क्या माफी मिली? | ✔ अनिरुद्धाचार्य ने माफी और सफाई दोनों दी। |
| क्या FIR दर्ज है? | ❌ नहीं। |
| क्या गिरफ्तारी हुई? | ❌ नहीं। |
| क्या कोर्ट में केस है? | ✔ हाँ, अदालत में कंप्लेंट दर्ज है और स्वीकार हो चुकी है। |
📝 निष्कर्ष
अनिरुद्धाचार्य बाबा का पूरा मामला बयान से शुरू हुआ, इंटरनेट पर तूफ़ान बना, और अब अदालत में कानूनी प्रक्रिया तक पहुँच गया है।
हालाँकि उन पर अभी कोई गंभीर आपराधिक मामला नहीं है, लेकिन अदालत में दर्ज शिकायत से यह विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है।
आगे की सुनवाई तय करेगी कि यह मामला कानूनी रूप से कितना आगे बढ़ेगा।

